जांच के बाद भी बेखौफ सिद्धार्थ डायग्नोस्टिक सेंटर: बिना विशेषज्ञ अल्ट्रासाउंड कर मरीजों की जान से खिलवाड़, स्वास्थ्य महकमा खामोश
सिद्धार्थनगर • 26 Aug 2026, 9:15 pm

बढ़नी (सिद्धार्थनगर):
नगर पंचायत बढ़नी कस्बे के बढ़नी-तुलसीपुर मार्ग पर संचालित सिद्धार्थ डायग्नोस्टिक सेंटर पर पूर्व में हुई दो-दो प्रशासनिक व विभागीय जांचों के बाद भी अनाधिकृत गतिविधियों के संचालन का मामला एक बार फिर गरमा गया है। केंद्र पर पंजीकरण के समय अभिलेखों में दर्शाए गए अधिकृत विशेषज्ञ चिकित्सक की अनुपस्थिति में गैर-डिग्री धारक व अप्रशिक्षित कर्मियों द्वारा अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। बिना विशेषज्ञ केवल कागजी दस्तखत के सहारे अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट तैयार कर मरीजों को थमाए जाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जो सीधे तौर पर मरीजों की जान के साथ खुला खिलवाड़ है।
स्थानीय स्तर पर यह भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है कि पूर्व में हुई जांच प्रक्रियाओं के दौरान सेंटर पर गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई थीं। इसके बावजूद अब तक किसी निर्णायक, प्रभावी या सुधारात्मक विधिक कार्रवाई का अमल में न आना स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है, जिससे आम जनमानस में रोष व्याप्त है।
चिकित्सा विधि एवं पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम के स्पष्ट विधिक प्रावधानों के तहत, केवल मान्यता प्राप्त डिग्री धारक और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकृत रेडियोलॉजिस्ट या सोनोलॉजिस्ट ही अल्ट्रासाउंड परीक्षण कर अधिकृत रिपोर्ट जारी कर सकते हैं। बिना विधिक अर्हता के अप्रशिक्षित कर्मियों द्वारा अल्ट्रासाउंड किया जाना कानूनन जुर्म है। ऐसी अपुष्ट और त्रुटिपूर्ण रिपोर्टों के आधार पर मरीजों के गलत दिशा में उपचार का गंभीर जोखिम बना रहता है, जिससे जनता के जीवन और स्वास्थ्य अधिकारों का सीधा हनन हो रहा है।
क्षेत्रीय प्रबुद्ध वर्ग, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने सक्षम जिला प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में गठित जांच टीमों की आख्याओं का निष्पक्षता से संज्ञान लेते हुए जनहित में तत्काल कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि अवैध रूप से हो रहे अल्ट्रासाउंड संचालन पर स्थायी रोक लग सके और स्वास्थ्य सेवाओं की शुचिता व विश्वसनीयता बनी रहे।
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"सिद्धार्थ डायग्नोस्टिक सेंटर के संबंध में पूर्व में हुई जांचों की पत्रावलियों और प्राप्त शिकायतों का पुनः परीक्षण कराया जाएगा। क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट और पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना पंजीकृत विशेषज्ञ के अल्ट्रासाउंड किया जाना पूर्णतः अवैध है। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित केंद्र के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग एवं विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
— डॉ. मानवेन्द्र पाल, नोडल अधिकारी (नैदानिक स्थापन/क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट), सिद्धार्थनगर








