महंगाई की मार से बेहाल आम जनता: ₹65 किलो पहुंची चीनी, बेलगाम कीमतों पर प्रशासन और सरकार मौन
सिद्धार्थनगर • 24 Aug 2026, 10:49 pm

ओज़ैर खान ,
सिद्धार्थनगर: आसमान छूती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा की बुनियादी खाद्य सामग्री की कीमतों में आए अप्रत्याशित उछाल से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा गया है। जिले के स्थानीय बाजारों में आवश्यक उपभोक्ता वस्तु चीनी के दाम ₹65 प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गए हैं, जिससे आम जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सरकार और स्थानीय प्रशासन के दावों के विपरीत बाजार में मुनाफाखोरी और बेकाबू कीमतों पर कोई ठोस नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दाल, तेल और सब्जियों के बाद अब चीनी जैसी मूलभूत वस्तु की आसमान छूती कीमतों ने गरीब परिवारों की थाली का स्वाद छीन लिया है। दिहाड़ी मजदूरों और अल्प आय वर्ग के लोगों के लिए परिवार का पेट पालना दूभर हो गया है। नागरिकों का आरोप है कि जमाखोरों और बिचौलियों पर प्रशासनिक नियंत्रण न होने के कारण रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम मनमाने ढंग से बढ़ाए जा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग केवल कागजी दावों तक सीमित हैं।
विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है। लोगों का कहना है कि सरकार एक तरफ राहत देने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ बाजार में जरूरी वस्तुओं की बेलगाम कीमतों ने जनता का जीना मुहाल कर रखा है। आम जनता ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल बाजार का सघन निरीक्षण कर मुनाफाखोरों पर अंकुश लगाए और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित कर आम जनमानस को राहत प्रदान करे।








